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दीपावली 2016

प्रदोषकाल तथा निशीथकाल (थोड़े समय के लिए) व्यापिनी अमावस्या से युक्त है अतः यह दीपावली विशेष रूप से पुण्य प्रदान करने वाला होगा। इस वर्ष कार्तिक अमावस्या रविवार को है। दीपावली के दिन चार मुख वाला दीप  पूरी रात प्रज्वलित करना अत्यंत शुभ और मंगल माना जाता है। इससे धन धान्य की वृद्धि होती है।

दीपावली के लिए इमेज परिणाम

वृषभ लग्न | स्थिर लग्न |

सांय 6:28 मिनट से सांय 8:25 तक वृषभ लग्न है । ज्योतिष में वृषभ लग्न स्थिर लग्न (Fix Lagan) होता है और स्थिर लग्न में लक्ष्मी पूजा करने से धन प्रदायिनी लक्ष्मी स्थायी रूप से घर में विराजमान रहती है। अतः स्थिर लग्न में  ही पूजा करनी चाहिए। इस वर्ष प्रदोषकाल में ही वृषभ लग्न, स्वाति नक्षत्र तथा तुला राशि ( में सूर्य चन्द्र और बुध के होने से यह काल अत्यंत शुभ है। इसी समय महालक्ष्मी पूजा करना शुभ होगा।

प्रदोषकाल का चौघड़िया मुहूर्त 2016 

चौघड़िया मुहूर्त :- प्रदोषकाल में ही सांय 5 बजकर 36 मिनट से सांय 7 बजकर 15 मिनट तक शुभ चौघड़िया मुहूर्त है। चुकि स्थिर लग्न 6:25 से शुरू है और शुभ चौघड़िया मुहूर्त भी इस समय है  अतः 6 बजकर 27 मिनट के बाद ही मंदिर में दीपदान तथा घर में दीप जलाना उचित होगा।  इसी समय महालक्ष्मी पूजा कुबेर पूजा बही खाता पूजन ब्राह्मणों तथा अपने सगे सम्बन्धियों को उपहार देना भी शुभ होगा।

प्रदोषकाल में क्या करना चाहिए ।

दीपावली  के दिन प्रदोष काल में मंदिर में रंगोली बनाये। दीपदान और पूजा से जुडी अन्य तैयारी इस समय पर कर लेनी चाहिए तथा मिष्ठान वितरण का कार्य भी इसी समय पर करना शुभ होता है। इसके अलावा मुख्य दरवाजे पर स्वास्तिक और शुभ लाभ लिखने का कार्य इस मुहूर्त पर करना चाहिए।  इस समय अपने मित्रों व परिवार के बडे सदस्यों को उपहार देकर आशिर्वाद प्राप्त करना चाहिए ऐसा करने से आपके जीवन की शुभता में वृ्द्धि होती है।

 

 

दीपावली के अत्यंत सरल और अचूक प्रयोग

दीपावली की रात्रि में समस्त असुरिय शक्ति मदहोश रहती है। इसलिए इस दिन किसी प्रकार की साधना की जाए तो वह सफल होती है। इस दिन विघ्न पैदा करने वाली ताकतें निष्प्रभावी रहती हैं। हम यहां कुछ ऐसे प्रयोग बता रहे हैं जिससे आपको फल अधिक मिलें व प्रयास कम हों। आप कोई भी एक या सब प्रयोग कर सकते हैं।

1. दीपावली के दिन सूर्योदय से लेकर दूसरे दिन के सूर्योदय तक अखंड दीपक जलाएं।

2. कमल गट्टे की माला से रात्रि को ॐ कमलायै नमः इस मंत्र की 41 माला जप करें।

3. दीपावली के दिन ब्रह्मचर्य का पालन करके रात्रि में महालक्ष्मी स्रोत, विष्णु सहस्रनाम गोपाल सहस्रनाम का पाठ करें।

4. लक्ष्मी पूजन करके तिजोरी में 5 कमल गट्टे 1 खड़ी हल्दी थोड़ा-सा खड़ा धनिया खड़ी सुपारी एक सिक्का रखें जो वर्ष पर्यंत तक रहे।

5. दीपावली की रात्रि उपरांत सूर्योदय के पूर्व घर की झाडू लगाकर घर के बाहर सारा कचरा डालकर के दरिद्रता को बाहर करें। यह कार्य अंधेरे में गुप्त रूप से करें।

6. घर में किसी प्रकार की बाधा हो तो दीपावली की रात में निम्नलिखित मंत्र उल्लू पर विराजी या उल्लू के साथ मां लक्ष्मीजी की प्रतिमा के समक्ष लाल चंदन की माला से जाप करें तो हर प्रकार की बाधा दूर होगी।

मंत्र ॐ नमो कालरात्रि सर्वभूतबाधा, किया कराया, नजर, ढीठ पलायन कुरु कुरु हूं फट्‍ स्वाहा।इस मंत्र का 1008 बार करना जाप करना चाहिए।

नवीन खरीदी को शुभ बनाए यह टोटके

वाहन खरीदने हेतु : नया वाहन खरीदने पर तीन कौड़ियों को शुद्ध कर पूजन तिलक कर काले धागे में पिरोकर वाहन में लगाएं वाहन शुभ फलदायक रहेगा। वाहन शुक्ल पक्ष में ही खरीदें।

30 अक्टूबर को प्रातः 8:00 बजे पटना में ग्रहों की स्थिति इस प्रकार है लग्न वृश्चिक राशि का है एवं लग्न में शनि एवं शुक्र बैठे हुए हैं द्वितीय भाव में मंगल है चतुर्थ भाव में केतु है दशम भाव में राहु है ग्यारहवें भाव में गुरु है एवं बारहवें भाव में सूर्य बुध एवं चंद्रमा है 11 में भाव से द्वितीय भाव तक 7 ग्रहों का लगातार होना इस दिवाली पर काफी अच्छा योग है एवं शुभ सूचक है लाभ भाव में गुरु की उपस्थिति उत्तम है एवं बुध की राशि में स्थित है लग्न में शुक्र की उपस्थिति सौभाग्य पूर्ण है.

 

प्रशांत कुमार(ज्योतिषी एवं इंजीनियर)

www.saimargdarshan.com

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