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ज्योतिष : जन्म कुंडली में है ये तो आसानी से मिलेगा होम लोन

आज का विषय है, ज्योतिष से जुड़ी कुछ रोचक बातें. आज के माहौल में हर एक साधारण व्यक्ति की इच्छा रहती है कि कम से कम एक वाहन या घर उसका अपना हो इसके सापेक्ष में ज्योतिष में कई ऐसे योग है जिसके चलते कुछ व्यक्ति अपनी जिंदगी में इन चीजों को हासिल कर पाते हैं और बहुत लोग वंचित भी रह जाते हैं. इन को लेकर ज्योतिष में काफी उल्लेख है जिनका विवरण निम्न घर खरीदने के बारे में यदि कोई व्यक्ति सोचता है तो चतुर्थ भाव को प्रमुख भाव के रुप में देखा जाता है और घर खरीदने के लिए पैसे की जरूरत होती है.

इसलिए निवेश संस्थान को भी देखा जाता है जो कि द्वादश भाव कुंडली का माना गया है और घर खरीदने की इच्छा पूरी होगी कि नहीं उसके लिए ज्योतिष में लाभ भाव को देखा जाता है कि फ्रूट फुल रिजल्ट मिल पाएगा या नहीं.  भूमि कारक ग्रह मंगल से चतुर्थ भाव का उपनक्षत्र स्वामी किसी भी तरह जुड़ा हो अथवा मंगल चतुर्थ भाव का कार्य हो तभी अपना घर हो सकता है. मंगल भूमिका और शनि सीमेंट का कारक ग्रह अपना घर या बंगला बनाने के लिए चतुर्थ भाव का उपनक्षत्र स्वामी अथवा मंगल दोनों में से किसी भी ग्रह का शनि से संबंध होना आवश्यक है. चतुर्थ भाव का उपनक्षत्र स्वामी 411 अथवा 12 में से किसी भावों से जुड़ा हो उसका संबंध मंगल से हो अथवा मंगल चतुर्थ भाव का कार्य शुरू हो

यह देखना होगा जन्म कुंडली या प्रश्न कुंडली द्वारा भी इस प्रश्न को देखा जता है इस महादशा और अंतर्दशा में घर खरीदा जाता है. वह दशा स्वामी और अंतर्दशा स्वामी मंगल से किसी भी रुप से जुड़ा होना आवश्यक है या महादशा अंतर्दशा स्वामी धन  दूसरे और छठी  स्थान के कार्येष हो तो घर के लिए आसानी स बैंकों द्वारा कर्ज मिल जाता है. अपना घर खरीदने के लिए या जमीन खरीदने के लिए व्यक्ति अपने हस्त रेखा के द्वारा भी जान सकता है.

हस्त रेखा के अनुसार मंगल का पर्वत उठा हो एवं शुक्र का पर्वत भी काफी मजबूत हो और उसमें तेल क्रॉस और द्वीप का चिह्न हो तो व्यक्ति अपने जीवन में भूमि अथवा मकान अवश्य हासिल करता है क्योंकि चतुर्थ भाव का संबंध वाहन से होता है. व्यक्ति के जीवन में शनि अदर साधारण स्थिति में हो या मंगल भी अच्छी स्थिति में हो तो व्यक्ति के जीवन में दो पहिया वाहन मिलते हैं चार चक्के वाहन के लिए व्यक्ति की कुंडली या हथेली में शुक्र का उच्च होना अपनी राशि में होना जरूरी होता है. शुक्र का पर्वत काफी उठा हो गुरु का पर्वत उठाओ और मंगल भी मजबूत स्थिति में हो तो व्यक्ति के जीवन में भूमि एवं चार चक्के वाहन की प्राप्ति होती है भूमि के लिए भी कहीं न कहीं शनि का मंगल के साथ अच्छा संबंध होने से व्यक्ति कइ फ्लैटों क्या जमीनों का मालिक होता है.

आज का विषय है, ज्योतिष से जुड़ी कुछ रोचक बातें. आज के माहौल में हर एक साधारण व्यक्ति की इच्छा रहती है कि कम से कम एक वाहन या घर उसका अपना हो इसके सापेक्ष में ज्योतिष में कई ऐसे योग है जिसके चलते कुछ व्यक्ति अपनी जिंदगी में इन चीजों को हासिल कर पाते हैं और बहुत लोग वंचित भी रह जाते हैं. इन को लेकर ज्योतिष में काफी उल्लेख है जिनका विवरण निम्न घर खरीदने के बारे में यदि कोई व्यक्ति सोचता है तो चतुर्थ भाव को प्रमुख भाव के रुप में देखा जाता है और घर खरीदने के लिए पैसे की जरूरत होती है.

इसलिए निवेश संस्थान को भी देखा जाता है जो कि द्वादश भाव कुंडली का माना गया है और घर खरीदने की इच्छा पूरी होगी कि नहीं उसके लिए ज्योतिष में लाभ भाव को देखा जाता है कि फ्रूट फुल रिजल्ट मिल पाएगा या नहीं.  भूमि कारक ग्रह मंगल से चतुर्थ भाव का उपनक्षत्र स्वामी किसी भी तरह जुड़ा हो अथवा मंगल चतुर्थ भाव का कार्य हो तभी अपना घर हो सकता है. मंगल भूमिका और शनि सीमेंट का कारक ग्रह अपना घर या बंगला बनाने के लिए चतुर्थ भाव का उपनक्षत्र स्वामी अथवा मंगल दोनों में से किसी भी ग्रह का शनि से संबंध होना आवश्यक है. चतुर्थ भाव का उपनक्षत्र स्वामी 411 अथवा 12 में से किसी भावों से जुड़ा हो उसका संबंध मंगल से हो अथवा मंगल चतुर्थ भाव का कार्य शुरू हो

यह देखना होगा जन्म कुंडली या प्रश्न कुंडली द्वारा भी इस प्रश्न को देखा जता है इस महादशा और अंतर्दशा में घर खरीदा जाता है. वह दशा स्वामी और अंतर्दशा स्वामी मंगल से किसी भी रुप से जुड़ा होना आवश्यक है या महादशा अंतर्दशा स्वामी धन  दूसरे और छठी  स्थान के कार्येष हो तो घर के लिए आसानी स बैंकों द्वारा कर्ज मिल जाता है. अपना घर खरीदने के लिए या जमीन खरीदने के लिए व्यक्ति अपने हस्त रेखा के द्वारा भी जान सकता है.

हस्त रेखा के अनुसार मंगल का पर्वत उठा हो एवं शुक्र का पर्वत भी काफी मजबूत हो और उसमें तेल क्रॉस और द्वीप का चिह्न हो तो व्यक्ति अपने जीवन में भूमि अथवा मकान अवश्य हासिल करता है क्योंकि चतुर्थ भाव का संबंध वाहन से होता है. व्यक्ति के जीवन में शनि अदर साधारण स्थिति में हो या मंगल भी अच्छी स्थिति में हो तो व्यक्ति के जीवन में दो पहिया वाहन मिलते हैं चार चक्के वाहन के लिए व्यक्ति की कुंडली या हथेली में शुक्र का उच्च होना अपनी राशि में होना जरूरी होता है. शुक्र का पर्वत काफी उठा हो गुरु का पर्वत उठाओ और मंगल भी मजबूत स्थिति में हो तो व्यक्ति के जीवन में भूमि एवं चार चक्के वाहन की प्राप्ति होती है भूमि के लिए भी कहीं न कहीं शनि का मंगल के साथ अच्छा संबंध होने से व्यक्ति कइ फ्लैटों क्या जमीनों का मालिक होता है.

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