चंद्र ग्रहण को लेकर भ्रमित ना हो

चंद्र ग्रहण को लेकर भ्रमित न हो

दोस्तों 21 जनवरी 2019 को साल का पहला चंद्र ग्रहण लगने वाला है जब पृथ्वी सूर्य और चंद्रमा के बीच आ जाती है तब सूर्य का प्रकाश चंद्रमा तक नहीं पहुंचता है और चंद्रमा पर पृथ्वी की छाया पड़ती है इसी घटना को चंद्रग्रहण कहते हैं 21 जनवरी 2019 का चंद्रग्रहण पूर्ण चंद्र ग्रहण है या चंद्रग्रहण पौष माह की पूर्णिमा के दिन सोमवार 21 जनवरी को लगने वाला है

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#चंद्रग्रहण

21 जनवरी 2019 को सुबह 9.03 बजे से 12.20 बजे

पुष्य नक्षत्र और चंद्र राशि में लगने वाला है तो इसका प्रभाव पुष्य नक्षत्र में जन्मे व्यक्तियों एवं कर्क राशि के व्यक्तियों पर इसका प्रभाव रहेगा हालांकि या चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा यह चंद्रग्रहण उतने दक्षिणी अमेरिका अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया ,रोमानिया, बुलगारीया,सऊदी अरब, ईरान इराक ,तुर्की अल्जीरिया, नाइजीरिया, पुर्तगाल स्पेन ,इंग्लैंड हिंद महासागर और प्रशांत महासागर में दिखाई देगा चकिया चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा इस देश का सूतक काल मान्य नहीं होगा जिन देशों में या चंद्र ग्रहण दिखाई देगा तो वहां ग्रहण लगने से 9 घंटे पहले सूतक शुरू हो जाएगा जो ग्रहण के साथ समाप्त होगा चंद्र ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाओं को विशेष ध्यान रखना चाहिए l चंद्र ग्रहण के दौरान खुले आसमान में ना जाएं

वैज्ञानिकों का कहना है कि इस तरह के चंद्र ग्रहण में चांद सामान्य दिनों की तुलना में 14 फीसदी बड़ा और 30 फीसदी से ज्यादा चमकीला नजर आता है. जिसके कारण चांद सुर्ख लाल (गहरा भूरा) रंग का हो जाता है. रात के अंधेरे में यह नजारा काफी अद्भुत होता है. जिसके कारण इसे ब्लड मून भी कहा जाता है.

दोस्तों यदि सूर्य और चंद्र की बात हम करें तो यह दो परम सत्य है सूर्य का निकलना और चंद्र का दिखना प्रतिदिन होता है lइन दोनों का प्रभाव व्यक्ति के जीवन में हमेशा पड़ता है क्योंकि चंद्र के कारण व्यक्ति की प्रतिभा सोच, सौंदर्य और सादगी का विकास होता है

यदि कुंडली में चंद्र की स्थिति अच्छी न हो या दुष्ट स्थानों से जुड़ा हुआ हो, छठे आठवें और 12 वे  व्यक्ति मानसिक रूप से कमजोर होता है अर्थात निर्णय लेने की शक्ति कम होती है इसलिए जैसा कि हम जानते हैं कि भारत में चंद्रग्रहण दिखाई ना देगा लेकिन फिर भी जिन व्यक्तियों की कुंडली में चंद्रमा की महादशा अंतर्दशा या चंद्रमा दूषित अवस्था अर्थात छठे आठवें एवं बारहवें  भाव से जुड़ा हो या शत्रु राशि में हो या नीच राशि में हो तो चंद्रमा मंत्र का जाप करना काफी लाभकारी होगा चुकी कल पूर्णिमा की तिथि एवं सोमवार को पड़ रहा है इस दौरान यदि चंद्र मंत्र का जाप किया जाए तो व्यक्ति को मानसिक शांति मिलती है खासकर उन लोगों के लिए सोमवार अर्थात चंद्र ग्रहण के दिन यदि चंद्र मंत्र का 108 बार जाप किया जाए तो जो लोग गुस्सैल प्रवृत्ति के हैं चंद्रमा की कु दृष्टी दूर होकर उन में शांति एवं सद्भाव का विकास होगा

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