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हिंदू धर्म में मकर संक्रांति का काफी महत्व है

मकर संक्रांति के अवसर पर सूर्य देवता को जल अर्पण करना चाहिए। उन्हें तिल, गुड़ और लाल चन्दन अर्पण करना शुभ माना जाता है। इस अवसर पर तिल, गुड़, कंबल, वस्त्र, अन्न और ब्राह्ण भोजन दान करना चाहिए। एवं खिचड़ी का भोग भगवान को लगाकर प्रसाद बांटना व्यक्ति के लिए स्वर्ग के द्वार खोलता है। शास्त्रों में इस दिन आदित्य हृदय स्तोत्र, पुरुष सूक्त, नारायण कवच का पाठ करना उत्तम फलदायी कहा गया है।

मकर संक्रांति 2020 का शुभ मुहूर्त-
मकर संक्रांति 2020- 15 जनवरी
संक्रांति काल- 07:19 बजे (15 जनवरी)
पुण्यकाल-07:19 से 12:31 बजे तक
महापुण्य काल- 07:19 से 09: 03 बजे तक
संक्रांति स्नान- प्रात: काल, 15 जनवरी 2020

इस त्यौहार को पतंग उत्सव भी कहा जाता है।
यह त्यौहार पतंग उत्सव के नाम से भी जाना है। इस दिन सारे लोग पतंग उड़ाते है। ख़ास करके ये पतंग उत्सव गुजरात में देखने मिलता है। लेकिन अभी यह देशभर दिखाई देता है। पतंग उड़ाने के पीछे वजह है। पतंग हम छतों पर जाकर उड़ाते है जिस वजह से हम कुछ घंटे सूर्य की रौशनी में बिताते हैं। सर्दी के मौसम में सूर्य का प्रकाश शरीर के लिए स्वास्थवर्द्धक, त्वचा और हड्डियों के लिए बेहद लाभदायक होता है।

 

15 जनवरी को सुबह 7:00 बजे के बाद पूजन करना एवं तिलगुड़ चावल का दान करना काफी श्रेयस्कर है क्योंकि इस समय मकर लग्न उदित है और मकर लग्न में सूर्य विराजमान हैसाथ ही साथ छाया ग्रह को छोड़कर लगातार एक दूसरे के भागों में 6 ग्रहों की स्थिति काफी अच्छी दर्शाती है जिन लोगों को शनि की साढ़ेसाती, शनि की ढैया एवं शनि की उपस्थिति यदि सा अष्टम स्थान में है तो काले तिल का दान जरूर करें. 

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