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होली:- भाईचारे एवं सौहार्द का पर्व

होली का त्योहार फाल्गुन मास शुक्ल पक्ष की चतुदर्शी के दिन मनाया जाता है। होली का त्योहार भी बुराई पर अच्छाई के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है। इस दिन होलिका दहन किया जाता है और इसके अगले दिन रंग खेले जाते हैं। जिसे रंगावली या घुलंडी के नाम से भी जाना जाता है। लोग होलिका की अग्नि में अपने अहंकार, बुराईयों आदि सबको जला देते हैं और रंग लगाकर एक दूसरे को होली की शुभकामनाएं देते हैं। होला का त्योहार बड़े ही हर्ष के साथ मनाया जाता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन हिरण्यकश्यप की बहन होलिका जिसे अग्नि से न जलने का वरदान प्राप्त था। वह भगवान विष्णु के परम भक्त प्रह्वाद को लेकर अग्नि में बैठ गई थी। लेकिन प्रह्वाद को कुछ भी नही हुआ और स्वंय होलिका ही उस अग्नि में भस्म हो गई।
होली पर रंगों का महत्व

होली को रंगों का त्योहार भी कहा जाता है। यह त्योहार दो दिन मनाया जाता है। होली के पहले दिन होलिका दहन किया जाता है। इसके अगले दिन रंगो से होली खेली जाती है। जिसे धुलंडी या धुल के नाम से भी जाना जाता है। यह दिन सभी प्रकार के द्वेष को भूलाकर एक- दूसरे को गले लगाकर रंग लगाने का होता है और लोग मिलकर गुंजिया और मिठाईयां खाते हैं।रंगों का जीवन में अधिक महत्व होता है। यह सभी रंग जीवन के महत्वपूर्ण अंगों को दर्शाते हैं। जो होली के त्योहार पर रंगों के द्वारा देखा जाता है।

9 मार्च 2020

होली 2020 शुभ मुहूर्त

होलिका दहन मुहूर्त- शाम 6 बजकर 20 मिनट से रात 8 बजकर 50 मिनट तक 18:25 से 20:52

भद्रा पूंछ- सुबह 9 बजकर 40 मिनट से 10 बजकर 35 मिनट तक

भद्रा मुख- 10 बजकर 36 मिनट से दोपहर 12 बजकर 18 मिनट तक

पूर्णिमा तिथि आरंभ- सुबह 3 बजकर 05 मिनट से 9 मार्च 2020

पूर्णिमा तिथि समाप्त- रात 11 बजकर 14 मिनट तक 9 मार्च 2020

ज्योतिष शास्त्रों के अनुसार, नवग्रह व बारह राशियां भी विविध प्रकार के रंगों की होती हैं। जैसे सूर्य का रक्त वर्ण, नारंगी व सुनहला है, वहीं चंद्रमा का सफेद, मंगल का लाल, बुध का हरा, शुक्र का रंग सफेद, बृहस्पति का पीला, शनि का काला व नीला, राहु का काला और केतु का रंग चितकबरा होता है। होली के लिए जानिए अपनी राशि और उसके लिए सर्वथा उपयुक्त रंग…

मेष- इस राशि के स्वामी मंगल ग्रह होते हैं, जिसके लिए भाग्यशाली रंग लाल और पीला है।

वृष- इस राशि के स्वामी बुध हैं, जिसके लिए भाग्यशाली रंग हरा और जामुनी है।

मिथुन- इस राशि के स्वामी शुक्र हैं, जिसके लिए भाग्यशाली रंग सफेद, गुलाबी, नारंगी है।

कर्क- चंद्रमा इस राशि का स्वामी है, जिसके लिए भाग्यशाली रंग सफेद है।

सिंह- सूर्य के स्वामित्व वाली इस राशि के लिए भाग्यशाली रंग पीला, सुनहरा और नारंगी है।

कन्या- यह राशि भी बुध के स्वामित्व की है, जिसके लिए भाग्यशाली रंग हरा और जामुनी है।

तुला- राशि के स्वामी शुक्र हैं, जिसके लिए भाग्यशाली रंग सफेद, गुलाबी और ऑरेंज है।

वृश्चिक- मंगल इस राशि के भी स्वामी हैं, जिसके लिए भाग्यशाली रंग लाल, पीला और हरा है।

धनु- गुरू की इस राशि के लिए भाग्यशाली रंग पीला और लाल है।

मकर- शनि के स्वामित्व वाली इस राशि के लिए भाग्यशाली रंग काला, नीला है।

कुंभ- शनि के स्वामित्व वाली इस राशि के लिए भी भाग्यशाली रंग काला, नीला है।

मीन- गुरू के स्वामित्व वाली इस राशि के लिए भी पीला और लाल रंग उपयुक्त है।

होली के दिन पूजा विशेष

होली के दिन हनुमान जी के पूजा की विशेष विधान है। पूजन करते हुए “श्रीगुरु चरण सरोज रज, निज मनु मुकुर सुधारि बरनउ रघुवर बिमल जसु, जो दायकु फल चारि”, “मनोजवं मारुततुल्य वेगं जितेन्द्रियं बुद्धिमतां वरिष्ठं । वातात्मजं वानरयूथ मुख्यं श्री राम दूतं शरणं प्रपद्ये.ऐसी प्रार्थना करें । होली के दिन एक बार जरूर कर लें, बहुत लाभ होगा।

होली के दिन शास्त्रों में लक्ष्मी माता की पूजा का भी विधान बताया गया है । वह कपूर का दिया जलाकर करें। होली का पर्व दरिद्रता का नाश करनेवाला पर्व बन जाएगा।

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